भाई बहनों की रंगरेलियां



मित्रो यह बात उस समय की है जब मेरी उम्र १८ साल की थी ! मेरी बड़ी बहन की उम्र २० साल की थी ! मेरे चाचा जी के लड़के एवं लड़की की उम्र २२ एवं १९ साल की थी ! हम चारों एक ही कमरे में सोते थे ! एक बार रात में मेरी आँख खुल गई ! मैं चुपचाप पड़ा थोड़ी सी आंखें खोल कर सब देख रहा था ! मुझे ताज्जुब भी हो रहा था और मजा भी आ रहा था ! अ़ब मैं पूरी बात बताता हूँ ! मेरे भैया एवं दोनों बहनें एक दम नंगे थे ! दोनों बहनों ने भैया का लंड पकड़ रखा था। कभी लंड को ऊपर नीचे करती, कभी मुँह में ले लेती थी और मजा लेकर चूस रही थी ! और भईया उनके बोबे बारी बारी से दबा रहे थे ! यह देख कर मेरा लंड भी खड़ा हो गया ! लेकिन मैं उस समय कुछ नहीं कर सकता था ! फिर देखा कि भैया एक की चूत चूमने लगे और दूसरी उनका लंड चूसने में लगी हुई थी ! तीनों आपस में बहुत मजा ले रहे थे ! फिर भैया अपना लंड एक बहन की चूत में घुसा कर चोदने लगे और बहन भी मजे से चुदवा रही थी ! दूसरी ने कहा- मुझे भी चोदो ना जल्दी से ! तो भैया कभी एक की कभी दूसरी की चूत में लंड डाल देते थे ! इस प्रकार काफी देर तक चुदाई चलती रही, जब तक एक दम निढाल नहीं हो गए ! फिर सब नंगे ही सोने लगे एक दूसरे से चिपक कर ! जब मुझसे नहीं रहा गया तो मैं भी अपने सब कपड़े उतार कर एक दम नंगा हो गया ! मेरा लंड भी खड़ा हो गया था !

मैं भी उनके बीच में चला गया ! पहले तो भईया मुझे डांटने लगे तो मैंने कहा- मैं सब को बता दूंगा ! तब जाकर शांत हो गए ! दोनों बहनें एक दम आश्चर्य चकित थी कि क्या करें ! जब मैंने कहा- मैं भी वही करना चाहता हूँ जो तुम लोग कर रहे थे ! तब तीनो कहा- ठीक है पर किसी को भी मत बताना ! आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | मैंने कहा- ठीक है ! इस प्रकार हम लोग एक बार फिर चालू हो गए ! सबसे पहले मैंने कहा- मेरा लंड चूसो ! तो दोनों बहनों ने मिल कर मेरा लंड चूसना चालू कर दिया। पर चूँकि मैं पहले से ही उत्तेजित था इसलिए मेरे लंड ने जल्दी ही पानी छोड़ दिया मुझे बहुत ही मजा आया ! तब उन्होंने कहा- कोई बात नहीं ! हम लोग तेरा लंड फिर से खड़ा कर देते हैं ! यह कह कर एक ने मेरा लंड चूसना चालू कर दिया और दूसरी ने अपने बोबे मेरे हाथ में पकड़ा दिए और कहा- इसे चूसो और दबाओ ! फिर मैं वैसे ही करने लगा जिससे मेरा लंड खड़ा हो गया !

इधर भैया भी रुके हुए नहीं थे, कभी किसी के बोबे दबाते कभी किसी की चूत में ऊँगली कर रहे थे ! अब मैंने कहा- अब मैं तुम दोनों को चोदना चाहता हूँ ! तब वो बोली- एक साथ कैसे चोदेगो ? मैंने कहा- मैं दोनों को ही चोदूंगा ! तो उन्होंने कहा- पहले एक को चोद लो फिर दूसरी से कर लेना ! मैंने कहा- ठीक है ! तब एक को मैं चोदने लगा और दूसरी को भैया ! मुझे बहुत मजा आ रहा था ! इस प्रकार कुछ देर करने के बाद मैंने अपना पानी उनकी चूत में ही छोड़ दिया ! मुझे कितना मजा आया मैं बोल नहीं सकता ! फिर मैंने देखा कि भैया ने भी अपना पानी छोड़ दिया ! फिर हम सब साफ सफाई करके एक दूसरे को जकड़ कर सोने लगे !  आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | रात बहुत हो गई थी पर मुझे चैन कहाँ ! मैंने कहा- मैं फिर से चुदाई करना चाहता हूँ ! कह कर मैंने दूसरी बहन से कहा- मेरा लंड चूसो पहले ! तो उसने कहा- मैं थक गई हूँ ! अब कल करेंगे ! मैंने कहा- नहीं एक बार अभी चोदने दो ! कल की बात कल करेंगे ! भैया ने भी तुम दोनों को चोदा है ! उसके पास और कोई रास्ता नहीं था, कहने लगी- धीरे धीरे करना ! मैंने कहा- ठीक है ! फिर उसने मेरा लंड मुँह में लिया और मजे से चूसने लगी ! उधर भैया भी चुप नहीं रह सके ! वो भी कभी किसी के साथ कभी किसी के साथ कुछ न कुछ करने लगे ! इस प्रकार हम सब उत्तेजित हो गए और चुदाई का काम फिर से चालू हो गया ! मैं क्या बताऊ कितना मजा आ रहा था, मैं वर्णन नहीं कर सकता ! और इसी प्रकार हम लोग मिल कर रोज चुदाई करते रहे जब तक उनकी शादी नहीं हो गई |

धन्यवाद |

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *